एकलव्य को भूल अर्जुन को ही श्रेष्ठ मान बैठे

 Trishul News भारत 

देश की नई आवाज़ 

सच्चाई बेबाक 

देश के उन्नत विकास के लिए जन योगदान आवयश्कता है।

इस बार NOTA पर वोट दीजिए 

जनता की खामोशी ही राजनीत का सबसे बड़ा हथियार है 

तब भी किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली तो अब कैसे लेगी सरकार

कहा जाए एकलव्य  ?

गुरु द्रोणाचार्य तो तब से अब तक कर रहे Business 

एकलव्य को भूल अर्जुन को ही श्रेष्ठ मान बैठे 

क्या देश में अनुशासन का विकास हो पाएगा ?







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